Updated: Oct 7, 8:02 am by Samart Singh
देश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को खुद का पक्का मकान देने के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) को लेकर बड़ी खुशखबरी आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नए सर्वेक्षण के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र लाभार्थियों की नई ग्रामीण आवास लिस्ट आधिकारिक पोर्टल पर जारी कर दी है।
इस योजना के तहत मैदानी इलाकों में रहने वाले परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए ₹1,20,000 और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्रों के परिवारों को ₹1,30,000 की नकद आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में दी जाती है। यह पूरी रकम 3 आसान किस्तों (पहली किस्त ₹40,000) में भेजी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण और मनरेगा मजदूरी के तौर पर अतिरिक्त पैसे भी दिए जाते हैं।
यदि आपने इस योजना के लिए ग्राम पंचायत या ऑनलाइन आवेदन किया था, तो बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे अपने मोबाइल से तुरंत चेक कर लें कि नई लिस्ट में आपका नाम आया है या नहीं।
PM आवास योजना ग्रामीण 2026: योजना का संक्षिप्त विवरण
| मुख्य बिंदु | पूरी जानकारी |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) |
| संचालक विभाग | ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| सहायता राशि (मैदानी क्षेत्र) | ₹1,20,000 (तीन किस्तों में) |
| सहायता राशि (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र) | ₹1,30,000 (तीन किस्तों में) |
| अतिरिक्त लाभ | स्वच्छ भारत मिशन से ₹12,000 (शौचालय हेतु) + 90 दिन की मनरेगा मजदूरी |
| भुगतान का तरीका | आधार सीडेड बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर (DBT) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmayg.nic.in |
आवास का पैसा किन-किन किस्तों में मिलता है?
सरकार ₹1,20,000 की पूरी रकम एक साथ नहीं देती, बल्कि मकान बनने की प्रगति के हिसाब से 3 किस्तों में बैंक खाते में भेजती है:
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पहली किस्त (₹40,000): लिस्ट में नाम फाइनल होने और स्वीकृति पत्र (Sanction Order) जारी होते ही नींव खुदाई और प्लिंथ लेवल का काम शुरू करने के लिए दी जाती है।
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दूसरी किस्त (₹40,000 या ₹60,000): जब मकान की दीवारें खिड़की और लिंटेल लेवल तक बनकर तैयार हो जाती हैं और जियो-टैगिंग (Geo-tagging) पूरी हो जाती है।
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तीसरी व अंतिम किस्त (₹20,000 या ₹40,000): छत ढलने, दरवाजे-खिड़कियां लगने और प्लास्टर का काम पूरा होने के बाद अंतिम जियो-टैगिंग के बाद सीधे खाते में आती है।
मोबाइल से PM आवास योजना की नई लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?
पंचायत भवन या ब्लॉक के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए स्टेप्स से आप सिर्फ 2 मिनट में अपने गांव की पूरी सूची देख सकते हैं:
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट खोलें
सबसे पहले अपने मोबाइल के ब्राउज़र में pmayg.nic.in खोलें।
स्टेप 2: Awaassoft मेन्यू पर जाएं
होमपेज पर मेन्यू बार में दिए गए “Awaassoft” विकल्प पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन मेन्यू से “Report” का चयन करें।
स्टेप 3: FTO / Beneficiary रिपोर्ट चुनें
रिपोर्ट वाले पेज पर नीचे स्क्रॉल करें। सेक्शन ‘E. SECC Reports’ में जाएं और “Category-wise SECC data Verification Summary” पर क्लिक करें। (या सेक्शन ‘H. Social Audit Reports’ में “Beneficiary details for verification” चुनें)।
स्टेप 4: अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें
अब स्क्रीन पर फिल्टर बॉक्स खुलेगा:
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पहले बॉक्स में अपना राज्य (State) चुनें।
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दूसरे बॉक्स में अपना जिला (District) चुनें।
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तीसरे बॉक्स में अपना ब्लॉक/प्रखंड (Block) चुनें।
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चौथे बॉक्स में अपनी ग्राम पंचायत/गांव (Gram Panchayat) सेलेक्ट करें।
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नीचे वर्ष में 2026-2027 (या वर्तमान वित्तीय वर्ष) और योजना में Pradhan Mantri Awaas Yojana Gramin चुनें।
स्टेप 5: कैप्चा कोड भरकर सबमिट करें
स्क्रीन पर दिए गए आसान जोड़/घटाव (Captcha) को हल करें और “Submit” बटन पर क्लिक करें। तुरंत आपके पूरे गांव के लाभार्थियों की सूची नाम, पिता का नाम, मकान स्वीकृति संख्या (Sanction ID) और बैंक खाते की स्थिति के साथ स्क्रीन पर आ जाएगी। आप चाहें तो नीचे दिए गए “Download PDF” बटन से पूरी लिस्ट अपने फोन में सेव कर सकते हैं।
अगर लिस्ट में नाम है, तो खाते में पैसा आने के लिए ये 3 काम तुरंत करें
बहुत से लोगों का नाम लिस्ट में आ जाता है, लेकिन फिर भी पहली किस्त अटक जाती है। इससे बचने के लिए ये सावधानियां जरूर बरतें:
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बैंक खाते में DBT चालू करवाएं: आवास योजना का पैसा केवल आधार-बेस्ड पेमेंट सिस्टम (ABPS) से आता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से NPCI मैपर पर सीडेड हो।
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जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) करवाएं: पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सेवक से संपर्क करके अपने पुराने कच्चे मकान या खाली जमीन की पहली जियो-टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड कराएं।
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मनरेगा जॉब कार्ड लिंक कराएं: आवास निर्माण में 90 दिनों की मजदूरी (लगभग ₹20,000 से ₹25,000 अतिरिक्त) पाने के लिए अपना मनरेगा जॉब कार्ड पंचायत में जरूर जमा करें।
इस योजना के लिए कौन-कौन पात्र हैं?
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परिवार के पास पूरे भारत में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
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परिवार कच्चे मकान या झुग्गी-झोपड़ी में रह रहा हो।
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परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही आयकर (Income Tax) देता हो।
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परिवार के पास 50,000 रुपये या उससे अधिक की क्रेडिट लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
जरूरी लिंक्स और हेल्पलाइन
| सुविधा | सीधा लिंक |
| PMAY-G मुख्य पोर्टल | pmayg.nic.in |
| ग्रामीण आवास रिपोर्ट पोर्टल | rhreporting.nic.in |
| टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन | 1800-11-6446 |
| सपोर्ट ईमेल आईडी | support-pmayg@gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या आवास योजना की लिस्ट में नाम आने के बाद कोई रिश्वत या कमीशन देना पड़ता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह योजना पूरी तरह पारदर्शी है। सरकार की तरफ से तय राशि सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। यदि कोई अधिकारी या दलाल पैसे मांगता है, तो तुरंत ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर शिकायत दर्ज कराएं।
सवाल 2: पहली किस्त मिलने के कितने दिनों बाद मकान का काम शुरू करना होता है?
उत्तर: पहली किस्त खाते में आते ही 15 से 30 दिनों के भीतर नींव का काम शुरू कर देना चाहिए, ताकि ब्लॉक स्तर से अगली किस्त के लिए समय पर जियो-टैगिंग की जा सके।
सवाल 3: शौचालय निर्माण के ₹12,000 कब मिलते हैं?
उत्तर: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय बनाने के ₹12,000 आवास योजना के पैसे के अलावा अलग से दिए जाते हैं, जिसे पंचायत सचिव के माध्यम से अप्रूव कराया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): KYCBazar.in एक स्वतंत्र शैक्षिक एवं सूचनात्मक पोर्टल है। इसका ग्रामीण विकास मंत्रालय या प्रधानमंत्री आवास योजना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। यहां दी गई जानकारी सार्वजनिक सरकारी पोर्टल (pmayg.nic.in) पर उपलब्ध आधिकारिक दिशा-निर्देशों के आधार पर आम नागरिकों की सुविधा के लिए सरल भाषा में तैयार की गई है। किसी भी प्रक्रिया या पात्रता की अंतिम पुष्टि के लिए अपनी संबंधित ग्राम पंचायत या आधिकारिक पोर्टल पर संपर्क करें।
Sarkari yojana, e-KYC aur online citizen services ke researcher aur writer. Desh ke aam nagrikon tak PM Kisan, Awas Yojana, Ration Card aur anya yojanaon se judi sahi, satik aur aasan jankari samay par pahunchana hamara mukhya uddeshya hai.