बिहार बोर्ड से मैट्रिक (10वीं), इंटर (12वीं) या पोस्ट-मैट्रिक कक्षाओं में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित मेधासॉफ्ट (Medhasoft) और बिहार पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप (PMS) पोर्टल पर लाखों छात्रों का पेमेंट स्टेटस “Bank Rejected” या “Payment Failed” दिखा रहा है।
मुख्यमंत्री बालक/बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली ₹10,000 की राशि, कन्या उत्थान योजना के तहत इंटर पास छात्राओं को मिलने वाली ₹25,000 की राशि और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप का पैसा सीधे छात्रों के आधार-सीडेड बैंक खाते (DBT) में भेजा जाता है। यदि आपके बैंक खाते में एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग नहीं है या नाम की स्पेलिंग में अंतर है, तो आपका नाम रिजेक्टेड लिस्ट में डाल दिया गया है।
इस आर्टिकल में जानें कि आप अपना नाम रिजेक्ट लिस्ट में कैसे चेक कर सकते हैं और घर बैठे मोबाइल से इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
Bihar Scholarship रिजेक्ट लिस्ट: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित विभाग | शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग, बिहार |
| प्रमुख पोर्टल | Medhasoft (medhasoft.bih.nic.in) और PMS (pmsonline.bih.nic.in) |
| प्रमुख योजनाएं | मैट्रिक प्रोत्साहन (₹10,000), इंटर कन्या उत्थान (₹25,000), PMS छात्रवृत्ति |
| रिजेक्शन का मुख्य कारण | बैंक खाता आधार से सीडेड (NPCI Linked) न होना, नाम/जन्मतिथि का मिसमैच |
| सुधार का माध्यम | बैंक जाकर आधार सीडिंग + मेधासॉफ्ट पोर्टल पर री-वेरिफिकेशन |
| आधिकारिक वेबसाइट | medhasoft.bih.nic.in |
बिहार छात्रवृत्ति रिजेक्ट होने के 4 मुख्य कारण
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर छात्रों का पैसा इन वजहों से रुका है:
-
Account Not Seeded with NPCI (DBT Inactive): छात्र का बैंक खाता केवल आधार कार्ड से लिंक है, लेकिन सरकारी योजनाओं का पैसा पाने के लिए वह एनपीसीआई सर्वर पर एक्टिव (सीडेड) नहीं है।
-
छात्र के नाम में अंतर (Name Mismatch): बिहार बोर्ड की मार्कशीट में जो नाम लिखा है और आधार कार्ड या बैंक पासबुक में जो नाम दर्ज है, उनकी स्पेलिंग मेल नहीं खा रही है।
-
ज्वाइंट या बंद खाता (Closed / Joint Account): कई छात्र अपने माता-पिता के साथ वाला ज्वाइंट खाता या काफी समय से बंद (Dormant) खाता अपलोड कर देते हैं। सरकारी नियम के अनुसार केवल छात्र के नाम का सिंगल खाता ही मान्य होता है।
-
IFSC कोड में बदलाव: कई बैंकों (जैसे ओरिएंटल बैंक, सिंडिकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक) के मर्जर के बाद पुराने आईएफएससी कोड बदल चुके हैं। पुराना कोड दर्ज होने पर बैंक सर्वर पेमेंट रिजेक्ट कर देता है।
रिजेक्टेड लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? (Step-by-Step)
बैंक के चक्कर काटने से पहले अपने मोबाइल से चेक करें कि आपका नाम रिजेक्ट लिस्ट में है या नहीं:
स्टेप 1: मेधासॉफ्ट पोर्टल खोलें
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट medhasoft.bih.nic.in पर जाएं। अपनी संबंधित योजना चुनें (जैसे- “Apply for Matric 2026 Scholarship” या “Inter 2026 Protsahan Yojana”)।
स्टेप 2: Reports वाले विकल्प पर जाएं
होमपेज पर मेन्यू में “Reports” वाले सेक्शन पर क्लिक करें। वहां आपको “List of Students to be Verified” या “Payment Rejected List” का विकल्प मिलेगा।
स्टेप 3: जिला और कॉलेज/स्कूल चुनें
अपना जिला (District) चुनें और अपने स्कूल या कॉलेज का नाम ड्रॉपडाउन मेन्यू से सेलेक्ट करें। इसके बाद “View” या “Search” पर क्लिक करें।
स्टेप 4: स्टेटस देखें
स्क्रीन पर आपके स्कूल के उन सभी छात्रों की लिस्ट आ जाएगी जिनका फॉर्म रिजेक्ट हुआ है। यदि आपका नाम लिस्ट में है, तो सामने रिजेक्शन का कारण (जैसे- Aadhaar not seeded with Bank या Name mismatch) लिखा होगा।
रिजेक्ट हुई छात्रवृत्ति को ठीक करने का आसान तरीका (DBT सुधार)
अगर आपका फॉर्म बैंक की वजह से रिजेक्ट हुआ है, तो बिना घबराए ये 3 काम तुरंत करें:
1. बैंक में जाकर Aadhaar Seeding (NPCI) फॉर्म जमा करें
अपने उसी बैंक की शाखा में जाएं जहां आपका खाता है। काउंटर से “Aadhaar Seeding / DBT Consent Form” लें। फॉर्म में अपना आधार नंबर और बैंक खाता संख्या भरें और “I want to receive DBT benefits in this account” पर टिक करें। बैंक कर्मी से कहें कि खाते को NPCI मैपर पर मैप कर दें।
सलाह: यदि आपका वर्तमान खाता चालू होने में समय लग रहा है, तो आप तुरंत किसी भी नजदीकी डाकघर (India Post Payments Bank – IPPB) में जाकर 5 मिनट में नया DBT खाता खुलवा सकते हैं। IPPB खाता खुलते ही स्वतः एनपीसीआई से सीड हो जाता है।
2. UIDAI पोर्टल पर बैंक लिंकिंग स्टेटस जांचें
बैंक में फॉर्म जमा करने के 24 से 48 घंटे बाद myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं। लॉगिन करके “Bank Seeding Status” चेक करें। यदि वहां आपके बैंक का नाम और स्टेटस Active दिख रहा है, तो आपकी आधार सीडिंग पूरी हो चुकी है।
3. मेधासॉफ्ट पोर्टल पर दोबारा अपडेट की प्रतीक्षा करें
आधार सीडिंग एक्टिव होने के बाद आपको पोर्टल पर दोबारा अलग से नया फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती। मेधासॉफ्ट का सिस्टम हर सप्ताह एनपीसीआई सर्वर से डेटा फेच करता है। जैसे ही आपका खाता एक्टिव मिलेगा, स्टेटस स्वतः “Ready for Payment” में बदल जाएगा और किस्त खाते में भेज दी जाएगी।
जरूरी लिंक्स और आधिकारिक संपर्क
| सुविधा | सीधा लिंक |
| मेधासॉफ्ट मुख्य पोर्टल | medhasoft.bih.nic.in |
| बिहार पोस्ट-मैट्रिक पोर्टल | pmsonline.bih.nic.in |
| आधार सीडिंग स्टेटस चेक | UIDAI Bank Status |
| शिक्षा विभाग हेल्पलाइन नंबर | +91-8539810419, +91-8986294256 |
Sarkari yojana, e-KYC aur online citizen services ke researcher aur writer. Desh ke aam nagrikon tak PM Kisan, Awas Yojana, Ration Card aur anya yojanaon se judi sahi, satik aur aasan jankari samay par pahunchana hamara mukhya uddeshya hai.